“We are what we think...”

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The Archive

A journey through thoughts from 2004 to 2025

Apr 20, 2014

काश जो होता है, वो ना होता


Feb 22, 2014

ज़िन्दगी मुस्कराती है 
जाने फिर क्यों आँख भर आती है। 
छोटा सा आचल, थोड़े से सपने,
जाने फिर क्यों राहें भटक जाती है। 

ज़िन्दगी कुछ समझाना चाहती है ,
जाने क्या सीखना चाहती है।