May 5, 2013 वक्त नहीं मिलता My poems आज कल कुछ कहने को नहीं होता जिससे मिलो वो यही कहता - यार वक्त नहीं मिलता कितने खाली प्याले समेटे थे कल और आज एक प्याला भरने तो वक्त नहीं मिलता Comments Post a Comment
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