सवाल

क्यों कभी कुछ सवालों के जवाब नही मिलते और कुछ जवाबों पर इतने सवाल उठते है
क्यों जब किसी हादसे से दामन छुड़ा के भागो तो वो तुम्हें अपनी गिरफ़्त में ले लेता है
क्यों जब ज़िंदगी हम सब को अलग अलग सवाल देती है तो हम उससे समान्तर ज़वाब चाहते है
और फिर क्यों हम दुसोरो की ज़िंदगी मैं अपने ज़वाब ना पा कर उनूंहे ग़लत ठहरा देते है
और क्यों उनकी ज़िंदगी मैं उपने ज़वाब ना पा कर नये सवाल उठा देते है
क्यों जब तिनका तिनका कर ज़िंदगी वापस जोड़ती लगती है तो पालक झपकाने से ही बिखर जाती है
सवाल सवाल कितने सारे है ये सवाल और कहा मिलेगे मुझे जवाब